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Lucknow News: गोमती का बढ़ रहा जलस्तर, इटौंजा से फैजुल्लागंज तक परेशानी

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बख्शी का तालाब में बाढ़।
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लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर शनिवार को भी बढ़ता रहा। इससे इटौंजा, माल और फैजुल्लागंज तक परेशानी बढ़ गई है। इटौंजा और माल में निचले इलाकों के खेत व सड़कों पर 10-10 फीट तक पानी भर गया है। इससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है। हालांकि, शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने इटौंजा क्षेत्र के गांवों में डेरा डाल दिया है।
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पानी में डूबने से बाल-बाल ही बचा बुजुर्ग

बख्शी का तालाब। सुल्तानपुर, बहादुरपुर, हीरापुरवा, लासा के बाद शनिवार सुबह बाढ़ का पानी अकड़रिया गांव की सड़क पर भी भरने लगा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पूरी फसल पांच से दस फिट तक पानी में डूब चुकी है। शनिवार सुबह लगभग आठ बजे बहादुरपुर गांव से पांच भैंसों को एक रस्सी से बांधकर बुजुर्ग पांचू बाढ़ में डूबी सड़क के पांच फीट गहरे पानी से बाहर आ रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रस्सी अपने हाथ बांध रखी थी और आगे-आगे चल रहे थे, इसी बीच भैंसों ने रास्ता बदल दिया। तो पांचू गहरे पानी में डूबते-डूबते बचे।
11 ट्रांसफार्मर की पेटी को किया ऊपर
इटौंजा पावर हाउस के कर्मचारियों ने जलस्तर तेजी से बढ़ता देख सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक बिजली सप्लाई बंद कर 11 ट्रांसफार्मर की पेटी को ऊपर किया। अंकुर गुप्ता, बलराम मौर्या, पिंटू मौर्या, अभय पांडेय ने नाव से जाकर खंभे के ऊपर किया।
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माल में खेल से घरों तक पहुंचा पानी
माल। जलस्तर लगातार बढ़ने से बसहरी और बहरौरा गांव में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों गांवों में धान की पकी फसल के साथ उड़द, सब्जी और चारे के खेत पानी में डूब गए हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। बसहरी निवासी सतीश ने बताया कि पानी भरने से उनके मकान का आधा हिस्सा डूब गया है। रमेश की गुमटी भी पानी में समा गई। बसहरी के ही बसंत का घर पानी में डूबने के बाद वह सामान और मवेशियों को लेकर दूसरे मकान में चले गए। दिनेश निषाद के घर के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है।

सैथा में राहत-बचाव में उतरी नगर निगम की टीमें
लखनऊ। दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड में सैथा समेत आसपास के गांवों में बिगड़े हालात की खबर अमर उजाला में प्रकाशित हुई तो नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। जोनल अधिकारी मनोज यादव ने शनिवार को प्रभावित इलाकों में तीन राहत-बचाव कैंप लगवाने के साथ तीन नावें लगवाईं। नावों से पानी में फंसे लोगों को घरों से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। सैंथा, दौलतखेड़ा, गुलमीखेड़ा, सुखलालखेड़ा, उमरावखेड़ा और जेहटा रोड स्थित हयातनगर मोड़ गांव में भी ग्रामीण मुश्किलों से घिरे हैं। करीब 500 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान और सब्जियों की फसल जलमग्न हो गई है।

बख्शी का तालाब में बाढ़।

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