लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों की वंचित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में जिले की सभी 491 ग्राम पंचायतों से 1.50 लाख महिलाओं को नए समूहों से जोड़ने का लक्ष्य मिला है। इनमें से अब तक 60 हजार महिलाओं की पहचान की जा चुकी है, जबकि 11 हजार महिलाओं को समूहों से जोड़कर उनका पंजीकरण भी कराया जा चुका है।
इनमें से विभिन्न समूहों से जुड़ीं आठ हजार महिलाओं को लखपति बनाने के लिए रिवाॅल्विंग फंड भी जारी किया जा चुका है। जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि जिले में पहले से संचालित 10,673 समूहों के जरिये 1.11 लाख महिलाएं जुड़ी हैं, लेकिन अब नए समूहों के गठन के बाद 11,580 समूह हो गए हैं और संख्या 1.24 लाख महिलाओं तक पहुंच गई है।
इन्हें दी जा रही प्राथमिकता
अभियान के तहत पहले चरण में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो अब तक किसी भी योजना या समूह से नहीं जुड़ी थीं। ग्राम स्तर पर बैठकों के जरिये समूहों का गठन किया जा रहा है और उन्हें बचत, ऋण व प्रशिक्षण की सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
स्वरोजगार से जोड़ने की है योजना
जिला विकास अधिकारी ने बताया कि इस पहल से न सिर्फ महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ेगी। आने वाले महीनों में शेष चिह्नित महिलाओं को भी समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है।