खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के मिश्रनखेड़ा मजरे डुमटहर गांव में सोमवार को सरकारी जमीन पर हो रहा अवैध निर्माण रोकने गए राजस्व कर्मियों से अभद्रता की गई। आरोपियों ने अभिलेख व मोबाइल छीनकर फेंक दिए और कुल्हाड़ी लेकर मारने दौड़े। राजस्व कर्मियों ने भाग कर जान बचाई। घटना से आक्रोशित लेखपालों ने थाने पहुंचकर विरोध जताया। पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोनामऊ निवासी पियारे ने पांच अक्तूबर 2024 व 27 जनवरी 2025 को तहसील दिवस में शिकायत कर बताया कि मिश्रनखेड़ा गांव के बुद्धीलाल पासी सरकारी जमीन पर मकान बनवा रहे हैं। लेखपाल आलोक सिंह की जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद बुद्धीलाल को नोटिस देकर निर्माण कार्य हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद बुद्धीलाल ने मकान निर्माण शुरू करा दिया।
शिकायत मिलने पर लेखपाल आलोक सिंह अपने साथी लेखपाल दिलीप कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। निर्माण कार्य रोका तो बुद्धीलाल व उसके बेटे श्याम बाबू ने गाली गलौज करते हुए अभद्रता की। गला दबाकर जान से मारने की धमकी दी। मोबाइल व अभिलेख छीनकर फेंक दिए। कुल्हाड़ी से मारने की कोशिश की। प्रभारी निरीक्षक बालेंदु गौतम ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।