लखनऊ। सीएम युवा उद्यमी स्वरोजगार योजना के तहत गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित प्रदर्शनी में दिनभर युवाओं की भीड़ लगी रही। यहां लगे स्टॉलों पर हेयर सैलून से लेकर सहजन के पौधे से तैयार पौष्टिक खाद्य पदार्थों का व्यवसाय करने तक की जानकारी दी गई।
बरेली के मीरगंज निवासी अजय गुप्ता ऑटोमेटिक दोना-पत्तल, थाली बनाने वाली मशीन के साथ प्रदर्शनी में आए हैं। बताया कि चार वर्ष पहले 50 हजार रुपये की लागत से यह काम शुरू किया था। अब न सिर्फ लाखों का व्यवसाय कर रहे हैं, बल्कि एक दर्जन से अधिक युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। उनका दावा है कि ग्रामीण इलाके में भी इस व्यवसाय से युवा रोजाना 1500 रुपये तक कमा सकते हैं।
सहजन के पौधे से 20 तरह के खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली डॉ. कांती सिंह के स्टॉल पर भी भीड़ दिखी। बताया कि 2017 में काम शुरू किया तो चंद किसान ही जुड़े थे। आज 1050 किसान उनके साथ सहजन की खेती कर काफी लाभ कमा रहे हैं। कांती सहजन से बिस्किट, खीर, चाय की पत्ती से लेकर 20 तरह के उत्पाद तैयार कर रहीं हैं। करीब 70 युवाओें ने फ्रेंचाइजी लेने के लिए उनसे जानकारी ली।
दिल्ली से आए वाटरलेस कंपनी के नितिन शर्मा ने बिना पानी के वाहन की धुलाई का डेमो दिखाया। कहा कि दिल्ली में कई फ्रेंचाइजी हैं, लेकिन अब वह यूपी में इसे लेकर आए हैं। खास बात है कि इस काम के लिए दुकान की आवश्यकता नहीं है। वाहन स्वामी को भी अपना वाहन वॉशिंग सेंटर पर ले जाने की जरूरत नहीं है। डीलर कर्मचारी घर भेजकर वाहन की धुलाई केमिकल से करवा सकता है। एक लाख रुपये का माल मंगवाकर व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। प्रचार-प्रसार का काम व ट्रेनिंग उनकी कंपनी करेगी।
डाइनिंग टेबल में गर्म मसाले, डेकोरेटेड घड़ी आकर्षण का केंद्र
लखनऊ की शिवानी वर्मा की कांच कला आकर्षण का केंद्र रही। कांच की डाइनिंग टेबल में लाल मिर्च, जीरा, कालीमिर्च व झलकती लौंग ने ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि लोग डाइनिंग हॉल में घड़ी के अलावा अन्य सजावटी सामान लगाना चाहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने डेकोरेटेड घड़ी तैयार की है, जो दोनों की कमी पूरी करती है। आर्टिफिशियल ज्वैलरी भी इसी अंदाज में तैयार की गई है। बताया कि पांच हजार रुपये से भी छोटे स्तर पर इसका काम घर पर शुरू किया जा सकता है। दो वर्ष पहले उन्होंने काम शुरू किया था, अब 15 महिलाओं को रोजगार दे रहीं हैं।