योगी सरकार के ऑपरेशन क्लीन के निशाने पर आए सीनियर आईएएस राजीव कुमार द्वितीय की सेवानिवृत्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। मामले में 31 अक्टूबर 2019 को राजीव कुमार को सेवानिवृत्ति का नोटिस देकर अभ्यावेदन मांगा गया है।
जल्द ही मामले पर निर्णय लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि यूपी सरकार द्वारा सरकारी सेवाओं में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अफसरों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राजीव कुमार 1983 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और अप्रैल 2016 से निलंबित चल रहे हैं। वह नोएडा प्लाट आवंटन में जेल की सजा काट चुके हैं। राजीव प्रमुख सचिव नियुक्ति के पद पर रह चुके हैं।