उपभोक्ता हितों में रहेंगे तत्पर
ये भी पढ़ें - सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दारा सिंह चौहान, योगी मंत्रिमंडल में मिलेगी जगह!
ये भी पढ़ें - पूर्वांचल की डेढ़ दर्जन सीटों पर 50 हजार से डेढ़ लाख तक है राजभर वोट, भाजपा की राह होगी आसान
वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे अरविंद एमटेक डिग्रीधारी हैं। वे ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव से अपर मुख्य सचिव तक की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही पावर कॉरपोरेशन, उत्पादन, पारेषण व वितरण निगमों के भी चेयरमैन रहे हैं। सबसे कठिन माने जाने वाले पूर्वांचल के विद्युत वितरण निगम के एमडी के रूप में उनका कार्यकाल काफी सराहा जाता है। वे 2004-06 तक पूर्वांचल के एमडी रहे।
वे अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास एवं आईटी व इलेक्ट्रॉनिक विभाग के अपर मुख्य सचिव, यूपीडा के चेयरमैन व सीईओ सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। इस वर्ष फरवरी में सेवानिवृत्ति के बाद सीएम ने उन्हें अपना सलाहकार बनाया था और औद्योगिक विकास सेक्टर की जिम्मेदारी दी थी।