रिटायर्ड जज ने अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोविड कमांड सेंटर व एंबुलेंस पर कॉल किया मगर वहां पर किसी का फोन तक नहीं उठा। इलाज के अभाव में गुरूवार सुबह महिला ने घर पर दम तोड़ दिया।
जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के नाकाम सिस्टम ने एक बार फिर रिटायर्ड जिला जज की पत्नी की जान ले ली। दोनों ही कोरोना पॉजिटिव थे। रिटायर्ड जज ने अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोविड कमांड सेंटर व एंबुलेंस पर कॉल किया मगर वहां पर किसी का फोन तक नहीं उठा। इलाज के अभाव में गुरूवार सुबह महिला ने घर पर दम तोड़ा दिया।
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परिवार में उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई भी नहीं था। उनके दोनों बेटे अपनी बहन से मिलने दिल्ली गए थे। इसी बीच इलाकाई लोगों ने ध्वस्त सिस्टम का अफसरों को आईना दिखाया। हरकत में आए अफसरों ने दाह संस्कार के लिए शव वाहन भेजा। वहीं रिटायर्ड जज को भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा अफसर कर रहे हैं।
गोमतीनगर विनम्रखंड निवासी रिटायर्ड जिला जज रमेश चंद्रा व उनकी पत्नी मधु 64 कोरोना रिपोर्ट बीती 12 को पॉजिटिव आई थी। दोनों घर पर अकेले थे। इनके बेटे अपनी बहन से मिलने दिल्ली गए थे। बुधवार सुबह अचानक मधु की हालत बिगडने लगी। पति रमेश ने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कई दफा कोविड कमांड सेंटर पर कॉल किया मगर वहां से कोई भी मदद नहीं मिली।
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हर बाद उन्हें इंतजार करने की बात कहकर टरका दिया जाता। ऐसे में रिटायर्ड जज ने किसी भी अस्पताल में ले जाने का फैसला किया। कई दफा मरीज को एंबुलेंस मुहैया कराने के लिए सरकारी सेवा पर कॉल करते रहे मगर एंबुलेंस नहीं आई। समय पर इलाज न शुरू होने से मरीज की मौत हो गई। मामले की जानकारी मुहल्ले वालों को हुई तो उन्होंने इसकी सूचना मुख्यमंत्री पोर्टल पर दिया। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने शव वाहन भेजा। वहीं रिटायर्ड जज को जल्द ही अस्पताल में भर्ती कराने का आश्वासन दिया। सीएमओ डॉ संजय के मुताबिक, कमांड सेंटरी पर आने वाली सभी कॉल पर कार्रवाई की जाती है।