कोरोना वायरस पूरी दुनिया में एक आतंक का पर्याय बन चुका है। चीन से निकले इस वायरस से इटली व स्पेन जैसे विकसित देशों में सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। वहीं भारत में भी करीब 25 मौतें हो चुकी हैं।
इस वायरस के कारण सीतापुर के एक गांव के लोगों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है क्योंकि गांव का नाम भी कोरोना ही है। कोरोना के एक ग्रामीण राजन कहते हैं कि जब हम किसी को बताते हैं कि हम कोरोना गांव के रहने वाले हैं तो वह हम लोगों से भेदभाव करते हैं। वो ये नहीं समझते हैं कि यह एक गांव का नाम है न कि किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति का।
कोरोना वायरस के कारण जिले में गांव का नाम चर्चा में रहता है। जिसके कारण ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना गांव नैमिषारण्य की 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग पर पड़ता है।
वहीं, ये भी बता दें कि भारत में अब तक 1029 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जिनमें से 85 मरीज रिकवर हो चुके हैं जबकि 25 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।