ट्रेन के स्टेशन से रवाना होने के बाद अगर आप सीट मिलने की उम्मीद खो देते हैं, तो अब ऐसा नहीं होगा। जीपीएस सिस्टम के जरिये चलती ट्रेन में उपलब्ध सीटों का ब्यौरा रिजर्वेशन सिस्टम पर अपडेट करने की कवायद शुरू होने जा रही है।
देश की प्रमुख ट्रेनों में दिसंबर से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए टीटीई को जीपीएस युक्त मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मशीनों में रिजर्वेशन चार्ट भी डिस्प्ले होता रहेगा।
अब तक व्यवस्था यह है कि ट्रेन अपने गंतव्य के लिए किसी स्टेशन से रवाना हो गई है तो उसमें सीट देना सिर्फ टीटीई के हाथ में ही होता है। इसके लिए अक्सर मनमाने दाम वसूलने की शिकायत भी आती हैं।
मगर जल्द ही यह सब समाप्त हो जाएगा। उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा वक्त में उन सीटों का ब्यौरा देने के लिए कोई तंत्र नहीं है, जो सीटें यात्रियों के ट्रेन में न पहुंचने के चलते खाली रहती थीं।