लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में धर्मांतरण के प्रयास के मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। सात सदस्यीय जांच समिति इसी सप्ताह रिपोर्ट दाखिल कर देगी। इसे मुख्य रूप से शादी के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले की जांच करनी है।
समिति ने पीड़िता के साथ संबंधित विभाग के डॉक्टरों के भी बयान लिए हैं। विभाग के कुछ डॉक्टरों पर पीड़िता पर दबाव डालने के आरोप विभिन्न संगठनों ने लगाए थे। मामले में एफआईआर भी हुई है और पुलिस आरोपी को खोज रही है। यौन उत्पीड़न संबंधी मामले की जांच केजीएमयू की विशाखा समिति भी कर रही है।
समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य महिला आयोग के पास भेज दी है। इसमें आरोप को सही बताया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी डॉक्टर को निलंबित करके उसके परिसर में आने पर पाबंदी लगाई गई। समिति में डीन पैरामेडिकल डॉ. केके सिंह, पूर्व पुलिस महानिदेशक भावेश कुमार सिंह, क्वीनमेरी की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा, पैथोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश बाबू आदि हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो केके सिंह का कहना है कि समिति ने पैथोलॉजी विभाग के संकाय सदस्य, रेजिडेंट और कर्मचारियों के बयान लिए हैं। कई संगठनों के पदाधिकारियों को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है। उनकी ओर से मामले में ज्ञापन दिए गए हैं। इसके बाद रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।