गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में गड़बड़ियों के लिए न्यायिक जांच समिति द्वारा चिह्नित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिशों के लिए गठित सुरेश खन्ना कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है।
इसमें न्यायिक समिति द्वारा दोषी करार दिए गए किसी भी अधिकारी को क्लीनचिट नहीं दी गई है। समिति ने एक नोट बनाकर दिया है कि किस अधिकारी पर क्या आरोप हैं।
संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट के अधूरे काम को पूरा करने के लिए 350 करोड़ रुपये की और जरूरत बताई गई है।
अब मुख्यमंत्री कार्यालय रिपोर्ट का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा। मुख्यमंत्री ने 1500 करोड़ की गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में गड़बड़ियों की न्यायिक जांच कराई थी।
न्यायिक जांच समिति ने सिंचाई विभाग के कई इंजीनियरों व शासन के आला अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ियों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था।