लखनऊ। हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट में बीते 30 अगस्त को हथियार लेकर वकील की वेशभूषा में मारपीट करने के मामले में जिला जज लखनऊ और पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है। मामले को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जनहित याचिका उच्च न्यायालय लखनऊ में दाखिल की गई थी।
न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला और न्यायमूर्ति रंजन राय की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को यह आदेश दिया। न्यायालय ने जिला जज से सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ बार एसोसिएशन से जानकारी लेने को कहा कि आरोपी शुभम पांडे इन बार एसोसिएशन का सदस्य है या नहीं।
न्यायालय ने रिपोर्ट तलब की कि अदालत के गेट पर सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद आरोपी हथियार के साथ अंदर कैसे पहुंच गया। उन्होंने अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदारों को चेताया कि ऐसी चूक फिर न हो। जिला जज को सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था पर नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए।
वहीं मामले में लखनऊ पीठ ने महीनेभर में विवेचनाधिकारी से तफ्तीश की स्थिति की जानकारी मांगी है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बताया कि विवेचक को बदल दिया गया है और अब सहायक पुलिस आयुक्त मलिहाबाद तफ्तीश कर रहे हैं। कोर्ट को बताया गया कि कई नोटिस के बावजूद पीड़ित युवक मो. शावेज विवेचक के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं आ रहा है। कोर्ट ने पीड़ित को तीन अक्तूबर को पेश करने का आदेश पुलिस को दिया।