गोमतीनगर में 18 अक्तूबर को एडीजी कानून व्यवस्था के स्टाफ ऑफिसर व एएसपी और रेस्टोरेंट संचालक के बीच हुए विवाद के मामले में एसपी ग्रामीण डॉ. गौरव ग्रोवर ने अंतरिम जांच रिपोर्ट एसएसपी के माध्यम से डीजीपी को भेज दी है।
रिपोर्ट में एएसपी को विवाद के बाद खुद ही तफ्तीश के लिए रेस्टोरेंट पर पहुंचने को गलत ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एएसपी राजेश सिंह ने विवाद के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी। रिपोर्ट में एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजवीर की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
साथ ही एएसपी के साथ रेस्टोरेंट कर्मियों द्वारा की गई अभद्रता का भी जिक्र है। हालांकि इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई की संस्तुति नहीं की गई है। डीजीपी मुख्यालय के सूत्रों की मानें तो यह अभी अंतरिम रिपोर्ट है, विस्तृत जांच रिपोर्ट बाद में आएगी। विस्तृत जांच में आसपास के लोगों के बयान के साथ-साथ रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखनी बाकी है।
मालूम हो कि 18 अक्तूबर को गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में गाड़ी का शीशा टूटने को लेकर एएसपी राजेश सिंह और रेस्टोरेंट संचालक मयंक तिवारी के बीच सीसीटीवी फुटेज दिखाने को लेकर विवाद हो गया था। एसपी ग्रामीण ने शुरुआती जांच में 17 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
एएसपी रैंक के अफसर को ही मिली है एएसपी की जांच
मामले की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल एसपी ग्रामीण की कॉडर रैंक अपर पुलिस अधीक्षक की है और राजेश सिंह भी अपर पुलिस अधीक्षक हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि समान रैंक का अफसर अपने समकक्ष अधिकारी की जांच कैसे कर सकता है। हालांकि एसपी ग्रामीण डॉ. गौरव ग्रोवर 2013 बैच के डायरेक्ट आईपीएस हैं।