लखनऊ। घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता करने का विरोध करने पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के साथ मारपीट और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोपों को लेकर आलमबाग थाने के दरोगा विनय कुमार मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक इब्ने हसन, सिपाही अमित सिंह के अलावा 10 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी पर सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने आलमबाग थाने से रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
सेंट्रल बार और लखनऊ बार के महासचिव और अध्यक्ष रहे उमाशंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया था कि सात जुलाई 2021 को वह अपने पुत्र आदर्श श्रीवास्तव के साथ कोर्ट से वापस घर जा रहे थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि आलमबाग निवासी रिश्तेदार अंशु श्रीवास्तव का पड़ोसियों से कुछ विवाद हो गया है। इस पर वे रिश्तेदार के घर गए तो देखा कि आलमबाग के वरिष्ठ उपनिरीक्षक इब्ने हसन, दरोगा विनय मिश्रा, सिपाही अमित सिंह व 10-12 पुलिस वाले अंशु के घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता, मारपीट और गाली-गलौज कर रहे थे। उमाशंकर ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें और उनके पुत्र के साथ मारपीट और जानमाल की धमकी देते हुए फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।