एंटीजन टेस्ट में 1.5 से 1.8 प्रतिशत मामलों में ही वायरस की पुष्टि हो रही है। सितंबर में रोजना 5000 से अधिक एंटीजेन टेस्ट हुए और पॉजिटिव केस 75-95 के आसपास ही मिले। उधर, आरटीपीसीआर की कुल जांचें 4000 के भीतर सिमट गईं, मगर उसमें 17-20 फीसदी केस पॉजिटिव आ रहे हैं। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट जो 7-8 घंटे में आती है, उसकी तुलना में एंटीजन टेस्ट महज दो घंटे में ही हो जाता है।
जिन मरीजों की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, उनकी आरटीपीसीआर जांच पॉजिटिव आ रही है। इसमें कोई बड़ा मसला नहीं है। लक्षण वाले मरीजों की दोबारा आरटीपीसीआर कराई जा रही है। एंटीजन की एक्यूरेसी 40% है, जबकि आरटीपीसीआर की 70% है। -डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ