मोहनलालगंज में हिंदुओं को ईसाई बनाने वाला गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम करता था। 28 साल पहले तमिलनाडु से लखनऊ आए डेनियल ने लोगों को खूब गुमराह किया। गिरोह में शामिल लोगों ने वर्ष 2021 में शिवलर गांव में एक घर में चर्च बनाकर प्रार्थना सभा शुरू की थी। इस चर्च को गिरोह के लोग प्रभु ईसामसीह मंदिर बताते थे। गांव में इसका दिशासूचक बोर्ड भी लगाया गया था।
प्रार्थना सभा में पहुंचने वाले लोगों से ऊं श्रीयीशुखीष्टाय नमः का जाप कराया जाता था। यह सब इसलिए होता था ताकि लोगों को गिरोह पर संदेह न हो।
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धीरे-धीरे प्रार्थना सभा में धर्म का प्रचार प्रसार शुरू किया गया। धार्मिक किताबें पढ़कर सुनाई जाने लगीं। जो लोग पढ़े-लिखे थे उन्हें किताबें देकर घर पर प्रार्थना करने पर जीवन में चमत्कार होने का झांसा दिया गया। कम पढ़े-लिखे लोगों की आर्थिक मदद कर उनका धर्मांतरण करवा दिया गया।
शिकायत पर पुलिस ने हटवाया था बोर्ड
धीरे-धीरे इलाके में धर्मांतरण कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ी तो स्थानीय लोगों ने विरोध किया। पुलिस से मामले की शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस ने गांव में लगा दिशासूचक बोर्ड हटवा दिया।
मोहनलालगंज पुलिस ने गिरोह के सरगना डेनियल के बैंक खातों की छानबीन की है। एडीसीपी साउथ वसंथ रल्लापल्ली के मुताबिक पड़ताल में आरोपी के खातों में बाहर से रुपये आने की पुष्टि हुई है। पुलिस डेनियल और उसकी पत्नी की संपत्ति के बारे में भी पता लगा रही है।
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