मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर प्रदेश में स्थिति तेजी से बेहतर हो रही है। हमारे 64 जिलों में 600 से कम एक्टिव केस रह गए हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में सीमित संख्या के साथ जनरल ओपीडी का प्रारंभ किया जाए। ओपीडी में आने के लिए मरीज का समय पूर्व निर्धारित हो। अपॉइंटमेंट सिस्टम अनावश्यक भीड़ को रोकने में कारगर होगा। इमरजेंसी सेवाएं 24×7 जारी रखी जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च में संतुलन बनाने के लिए कराए जा रहे ऑक्सीजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं। सतत नियोजित प्रयासों का ही परिणाम है कि आज अधिकांश मेडिकल कॉलेजों और रिफिलर्स के पास में 03 से 04 दिन का ऑक्सीजन बैकअप हो गया है। बीते 24 घंटों में 454.7 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को ऑक्सिजन के उपयोग की अनुमति दी जा चुकी है। इन गतिविधियों को सुचारू रखा जाए।
कोविड की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी के क्रम में मानव संसाधन का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण जारी है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ आदि के लिए पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग भी शुरू हो चुका है। यह कार्य यथाशीघ्र पूरा कर लिया जाए। सुविधानुसार भौतिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।