खुदाई कर शुभारंभ करते अफसर।
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सीडीओ अभिषेक आनंद ने कहा कि मजदूरों के भुगतान में कोई कमी नही आने दी जाएगी। सभी मजदूरों को गांव से ही मनरेगा योजना के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। पहले दिन 15 सौ मनरेगा मजदूरों ने डीएम के साथ मिलकर पौराणिक तमसा के जीर्णोद्धार में सहयोग किया।
ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है तमसा नदी का
मवई ब्लॉक के बसौढ़ी के लखनीपुर गांव से निकली तमसा जिले की 83 ग्राम पंचायतों को छूते हुए 150 किमी. की लंबाई में अंबेडकर नगर जिले के भीटी विकास खंड में प्रवेश कर आगे की ओर निकल जाती है। यही नहीं कटेहरी विकास खंड क्षेत्र में पड़ने वाले धार्मिक स्थल श्रवण क्षेत्र के निकट तमसा का बिसुही से संगम होता है। गौराघाटए महादेवा घाट तथा सत्संग घाट इसी पवित्र नदी से जुड़े हैं।
- जिन क्षेत्रों से नदी निकली है वहां का जलस्तर ऊपर आएगा
- पशु-पक्षी और जीव-जंतुओं को मुहैया होगा पानी
- दो हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल की सिंचाई का बनेगा साधन
- नदी के दोनों ओर पौधरोपण होने से पर्यावरण को मिलेगा लाभ
- आसपास के किसानों की बढ़ेगी आमदनी, जमीन होगी मूल्यवान
- बारिश के मौसम में जलभराव की संभावनाएं होंगी कम।