नए स्लैब प्रस्तावित करते हुए बिजली दरें तय करने का मामला राज्य विद्युत नियामक आयोग के पाले में डालने का दांव पावर कॉर्पोेरेशन को उल्टा पड़ गया। आयोग ने गुरुवार देर शाम पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियों को आदेश दिया है कि नए स्लैब में दरें प्रस्तावित कर समाचार पत्रों में प्रकाशन कराएं।
चूंकि वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व बिजली दरों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए आयोग चाहता है कि दरें बढ़ाने या कम करने के संबंध में कोई भी चर्चा पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक प्लेटफार्म पर हो, ताकि उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी मिले। आयोग ने बिजली दरों के मौजूदा स्लैब में बदलाव के औचित्य व उसके अन्य पहलुओं पर प्रस्तुतिकरण के लिए कॉर्पोरेशन को शुक्रवार को तलब भी किया है।
इस बीच, कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह से मुलाकात कर नए स्लैब पर बिजली कंपनियों की तरफ से पक्ष रखा। बताया कि सरकार के अनुमोदन के बाद ही इस बदलाव का प्रस्ताव सौंपा गया है। स्लैब 80 से घटकर 53 हो जाने से उपभोक्ताओं को सहूलियत होगी।