राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान रखने के लिए गर्भवती महिलाओं के साथ ही श्रमिक महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं खून की कमी (एनिमिया) की शिकार होती हैं। ऐसे में उनसे पैदा होने वाले बच्चे जन्म से ही कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। इसलिए जच्चा व बच्चा दोनों के पोषण का खास ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराना होगा।
राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को राजभवन में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का प्रजेंटेशन देखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि लाभार्थी बच्चों को एक टाइम पोषण जरूर दिया जाए। यदि जरूरी हो तो महिला स्वयं सहायता समूहों को अग्रिम भुगतान की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर, बर्तन व खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर देते हुए बच्चों को गर्म व ताजा पौष्टिक आहार देने के निर्देश दिए। कहा कि हर जिले में एक आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बने। आंगनबाड़ी केंद्रों पर फल व सब्जी वाटिका तैयार होंगे, गुड़ व चना का वितरण किया जाए। इस मौके पर निदेशक आईसीडीएस डॉ. सारिका मोहन ने बताया कि वर्तमान में 18 जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जा रहा है।