भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य पार्टियों की मजबूत दावेदारी से आपका मुकाबला है। कैसे देखती हैं इसे?
-लखनऊ सीट पर विधायक, मेयर और ज्यादातर पार्षद भाजपा से रहे हैं। ऐसे में इस सीट की एंटी इनकम्बेंसी का फायदा कांग्रेस को मिलेगा। फिर राजनाथ सिंह का तो चुनावी इतिहास ही खराब है। एक बार जीतने केबाद वह कभी अपने क्षेत्र में लौटते ही नहीं।
विधायक रहकर आप सुरक्षित थीं, जबकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ बने माहौल का नुकसान आपको उठाना पड़ सकता है?
-कैण्ट इलाके से विधायक रहते हुए काफी काम कराया। जनता केलिए हमेशा उपलब्ध रही। और हां...राजनीति की खासियत है कि चुनाव लड़ने में कोई नुकसान नहीं होता। मैं आम जनता के लिए संघर्ष करती हूं, इसलिए सुरक्षित-असुरक्षित, नुकसान-फायदे की नहीं सोचती।
विकास योजनाओं पर मागूंगी वोट
बतौर विधायक, क्या आप काम के आधार पर वोट मांगेंगी या फिर जातीय गणित का सहारा लेंगी?
-कांग्रेसी हमेशा काम के आधार पर ही वोट मांगते हैं। जाति हमारे लिए मायने नहीं रखती। केन्द्र सरकार की ओर से लागू तमाम योजनाएं, जिनसे जनता को लाभ हुआ है, उन पर जनता से वोट मांगूंगी।
रीता ने इस दौरान केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का नाम लिया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस की विजय होकर रहेगी।
ईमानदारी है मुझमें
आपके लिहाज से शहर की प्रमुख समस्याएं कौन सी हैं?
-समस्याएं वहीं हैं। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, यातायात, रोजगार और सीवर। जो लोगों की आधारभूत आवश्यकताएं भी हैं। लेकिन मिस गर्वेनेंस केकारण लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। गोमती को स्वच्छ, निर्मल और पावन बनाना मेरा उद्देश्य है।
आप बताइए, लखनऊवासी आपको वोट क्यों दें?
-लखनऊ लोकसभा सीट के अन्य प्रत्याशियों की तुलना में अधिक ईमानदारी है।