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करोड़ों के कमीशन का फेर, यूपी सिडको की भर्ती प्रक्रिया रद्द, कड़ी कार्रवाई के संकेत

Wed, 18 Dec 2019 07:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपी सिडको) ने शासनादेश की अवमानना करते हुए 52 सहायक अभियंताओं समेत कुल 62 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके पीछे करोड़ों रुपये के कमीशन का फेर बताया जा रहा है। इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उच्चस्तर पर इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।

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सरकार के आदेश से तत्काल भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। साथ ही प्रबंध निदेशक से जवाब तलब किया गया है। पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

यूपी सिडको में भर्ती के नाम पर किए गए इस खेल के पीछे कुछ वरिष्ठ अभियंताओं का हाथ बताया जा रहा है, जो पूर्व में भी काफी विवादित रहे हैं। शासन से मिली जानकारी के अनुसार, 2 दिसंबर 2019 को यूपी सिडको ने 52 सहायक अभियंता (सिविल), 5 सहायक अभियंता (विद्युत), 4 सहायक अभियंता (डिजाइन) के पदों के अलावा दो-दो सहायक वास्तुविद व लेखा अधिकारी और एक-एक विधि अधिकारी व कंपनी सचिव के पद भरने के लिए विज्ञापन निकाला। ये सभी पद 56100-177500 वेतनमान के हैं।

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'जो पैनल में नहीं थी उस फर्म को दी गई भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी'

शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यूपी सिडको में समूह ‘ख’ और ‘ग’ की भर्तियों में नियोजन विभाग के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए यूपी सिडको के स्तर से इन भर्तियों के संबंध में निकाला गया आदेश रद्द किया जाता है। साथ ही यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक जेपी चौरसिया से पूछा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में नियोजन विभाग के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। उनसे तत्काल स्पष्ट रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

भर्ती प्रक्रिया रद्द करने और एमडी से जवाब तलब का आदेश विशेष सचिव धीरज कुमार की ओर से जारी किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यूपी सिडको ने भर्ती की जिम्मेदारी एक ऐसी फर्म को दे दी, जो पैनल में शामिल नहीं है। नियमानुसार, पैनल में शामिल फर्म से ही यह काम ले सकते हैं।
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