राजधानी में बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड 86 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। दूसरे चरण के टीकाकरण के अंतर्गत फ्रंट लाइन वर्कर को वैक्सीन लगाई गई। 21 केंद्र पर 86 बूथ बनाए गए थे।
इसमें 10428 को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय था। टीकाकरण सुबह नौ बजे शुरू हुआ। करीब 8981 फ्रंट लाइन वर्कर टीका लगवाने पहुंचे।
अफसरों ने बताया कि 9703 वर्कर को कोविशील्ड वैक्सीन लगनी थी। इसमें से 8032 वर्कर ने वैक्सीन लगवाई। जबकि 725 को कोवैक्सीन लगाई जानी थी, पर वहां 949 फ्रंटलाइन वर्करों ने टीका लगवाया।
संख्या बढ़ने का कारण यह रहा कि साथ में छूटे हुए फ्रंट लाइन वर्कर को भी शामिल किया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों से टीकाकरण के बेहतर नतीजे सामने आए हैं।
सिविल में लक्ष्य के सापेक्ष ढाई गुना से अधिक टीकाकरण
सिविल अस्पताल में लक्ष्य के सापेक्ष ढाई गुना से अधिक टीकाकरण हुआ। यहां दो बूथ पर 250 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा था जबकि 702 फ्रंट लाइन वर्कर को टीका लगाया गया।
लोहिया संस्थान में पहली बार मिला लक्ष्य
लोहिया संस्थान में पहली बार टीकाकरण का लक्ष्य को पार कर लिया। संस्थान प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश ने बताया कि तय लक्ष्य 625 के सापेक्ष 627 लोगों को टीका लगाया गया।
केंद्रों पर उमड़ी भीड़, भूले सामाजिक दूरी
टीकाकरण में खासी भीड़ उमड़ने से कई जगह सामाजिक दूरी का प्रोटोकॉल टूटता नजर आया। अलीगंज सीएचसी में सूची में मिलान से लेकर बूथ तक भीड़ के चलते स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने में परेशानी आई। सिविल में पुलिसकर्मियों ने लाइन में लगकर टीका लगवाया। उधर, गैर जनपद का फॉर्मूला फेल होने से कई फ्रंट लाइन वर्कर्स को लौटना पड़ा। केजीएमयू में सबसे अधिक बूथों पर टीका लगा। पुलिसकर्मियों व सिविल डिफेंस के लोगों के साथ 23 वाहिनी पीएसी के जवानों ने टीका लगवाया। इनमें कई के नाम मुरादाबाद से पोर्टल पर चढ़ाए गए थे। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को तीन से चार घंटे तक बिठाए रखा गया। इनमें से कई को टीका नहीं लग सका।
पुलिस लाइन से भेजा मेसेज, पोर्टल से नाम गायब
पुलिस लाइन से संबद्ध पुलिसकर्मियों को केजीएमयू व बलरामपुर में टीकाकरण का मेसेज मिला था, लेकिन पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो उनका नाम पोर्टल पर नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने मेसेज दिखाया तो बताया गया कि उन्हें कोविन पोर्टल की जगह पुलिस लाइन से मेसेज भेजा गया था। ऐसे में इन्हें लौटना पड़ा।