लखनऊ। पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने व्यवस्था सुधार और बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के नाम पर एक जोन के चार बना दिए। फिर वर्टिकल सिस्टम लागू कर अफसरों को जिम्मेदार बनाया, मगर यह जिम्मेदार वह काम नहीं कर रहे, जिसके लिए उनकी तैनाती की गई। इससे वर्टिकल व्यवस्था का बंटाधार हो रहा और उपभोक्ता दर-दर भटकने के लिए बेबस हैं।
केस : 1 :: बिजली बिल जमा, घर में अंधेरा
माल क्षेत्र के थावर निवासी सरजू के घर की बिजली माइनस बिल पर कट गई। सरजू ने 30 मार्च को खाता संख्या 9014398000 के कनेक्शन पर 750 रुपये का बिल जमा किया, मगर बिजली चालू नहीं हुई। कर्मियों ने बताया कि 271 रुपये अभी बकाया है। सरजू ने फिर 500 रुपये जमा किए, मगर घर में अब भी अंधेरा है। वह 30 मार्च से दौड़ रहे, मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
केस : 2 :: 300 रुपये वाला बिल हो गया 2000 का
सरोजनीनगर के न्यू गरौरा निवासी वीरेंद्र कुमार बताया कि कनेक्शन नंबर 6415610092 पर तीन किलोवाट का सोलर लगवाया था। मेरे घर में न तो एसी और न ही कूलर। अभी तक 300 रुपये का प्रतिमाह बिल आता था। सोलर लगने के बाद बिल 2000 रुपये का आने लगा है। इंद्रलोक कार्यालय में 10 दिन से भटक रहे, मगर सोलर से बन रही बिजली का समायोजन नहीं कर रहे हैं।
केस : 3 :: 1000 रुपये का रिचार्ज हो गया लापता
वृंदावन कॉलोनी निवासी राजेश राय ने बताया कि 27 मार्च 1000 रुपये से मीटर रिचार्ज किया। यह रिचार्ज लापता हो गया है। 1912 पर चार बार शिकायत दर्ज करा चुके, हर बार एक ही जवाब मिलता है कि रिचार्ज होल्ड हो गया। इंतजार कीजिए, मीटर का रिचार्ज कूपन मिल जाएगा।
केस : 4 बैलेंस 7,729 रुपये, दर्शा रहे 2,309 रुपये मानइस
चिनहट के सेमरा स्थित साईं कोहिनूर अपार्टमेंट निवासी 70 वर्षीय अंजलि द्विवेदी 1912 की कार्यप्रणाली से आक्रोशित हैं। उनके कनेक्शन नंबर 9251470000 का मीटर फरवरी में बदला गया। स्मार्ट मीटर तीन अप्रैल को अपडेट हुआ, तो 2,309 रुपये माइनस में देनदारी का मेसेज आया, जबकि 7,729 रुपये पहले से बैलेंस था, जिसे अपडेट नहीं किया गया। दंपती रिटायर्ड और अकेले ही रहते हैं, जिससे गलत बिल सही कराने के लिए कार्यालय जाने में असमर्थ हैं। 1912 पर 10 बार शिकायत दर्ज कराई, मगर सुनवाई नहीं हुई।
इनकी भी सुनिए
- बृजेश बहादुर श्रीवास्तव निवासी श्रीनगर कॉलोनी मोहिबुल्लापुर ने बताया कि उनके घर के बाहर लगे नेट मीटर की सील गायब होने की 1912 पर शिकायत (एमवी16032604965) दर्ज कराई। मीटर में सील नहीं लगाई, मगर 25 मार्च को समाधान का झूठा संदेश आ गया।
- इस्लामुल हक के घर में 14 फरवरी को प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा। 25 मार्च को अकाउंट में 507 रुपये बैलेंस थे, लेकिन 26 मार्च को वह माइनस में 827 हो गया। दो यूनिट के 1,300 रुपये काट लिए। हुसैनगंज ऑफिस गए तो बताया गया कि आप अपडेशन पर हैं खुद से बिल सही हो जाएगा।