नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की सिफारिश करने की मांग की है। पत्र में एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बद से बदतर बताया गया है। साथ ही महिला अपराधों सहित अन्य आपराधिक घटनाओं पर गलत आंकड़े देकर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने हाथरस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि सरकार गलत तथ्य देकर भ्रमित करने का काम कर रही है। हाथरस में अनुसूचित जाति की बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के मामले में पुलिस व प्रशासन का रवैया काफी शर्मनाक रहा है। बेटी को न्याय दिलाने की जगह भाजपा की राज्य सरकार आर्थिक मदद व अन्य प्रलोभन देकर उसकी अस्मिता से खिलवाड़ कर रही है। इसकी किसी वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में जांच जरूरी है।
चौधरी ने लिखा है कि सिर्फ हाथरस ही नहीं अपितु बलरामपुर, बागपत, मेरठ, फतेहपुर, अलीगढ़, उन्नाव, लखीपुरखीरी, महराजगंज, मथुरा, प्रयागराज, आजमगढ़, बुलंदशहर और लखनऊ में भी छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाओं ने प्रदेश की बदनामी की है। भदोही में दुष्कर्म के बाद बालिका की हत्या, झांसी में रेप पीड़िता के फांसी लगा लेने, सोनभद्र में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के अलावा रायबरेली में 12 वर्ष की बिटिया से दुष्कर्म ने लोगों को हिला दिया है।
मथुरा में 11 वर्षीय बालक कैलाश का अपहरण और हत्या जैसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोल दी है। प्रदेश में लूट, अपहरण डकैती की घटनाओं की भी बाढ़ आ गई है। लेकिन सरकार सच नहीं सुनना चाहती। जिसका प्रमाण समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर चलाई गई लाठियां और फाड़ दिए गए कपड़े हैं। सपा कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर फंसाया जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर खेल किया जा रहा है। विस्थापित मजदूरों को काम देने का बजाय मनरेगा के फर्जी आंकड़े दिए जा रहे हैं।