सोहल्ला के मुकेश यादव कहते हैं, जलभराव की समस्या का पांच साल में भी विधायक हल नहीं कर सके। मधु नगर की बेबी कहती हैं, जब चुनाव आए तब जाकर एक सड़क स्वीकृत हो सकी, वह भी पूरी नहीं बन पाई। ऐसे जनप्रतिनिधियों से क्या फायदा है? लालकुर्ती के आकिल का कहना है कि जरी और कालीन उद्योग भी यहां हैं। इन उद्योगों से जुड़े दस्तकारों के लिए कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन नहीं उठाए गए। पांच साल में इनकी दशा और खराब हुई है। पच्चीकारी हो या अन्य हस्तकला के कारीगर उनका भी बुरा हाल है।
2017 का परिणाम
1 गिरिराज सिंह धर्मेश, भाजपा 1,13,178
2 गुटियारी लाल दुबेश, बसपा 66,853
3 ममता टपलू, सपा 64,683
4 अवधेश सिंह, रालोद 1145
वोटों का गणित
1.20 लाख दलित
40 हजार मुस्लिम
40 हजार वैश्य
20 हजार सिंधी व पंजाबी
20 हजार ब्राह्मण
20 हजार राठौर
200 करोड़ रुपये के काम कराए
राज्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ. जीएस धर्मेश का कहना है कि मैंने क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के काम कराए हैं। 75 साल में पहली बार बारहखंभा पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कराया है। क्षेत्र में पहला राजकीय महाविद्यालय निर्माणाधीन है। 40 करोड़ रुपये से देवरी, सेवला व बिंदु कटरा में नाले का निर्माण हो रहा है।
खुदी पड़ी हैं गलियां व सड़कें
पिछले चुनाव की प्रतिद्वंद्वी ममता टपलू का कहना है कि पूरे क्षेत्र में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। नाली, सड़क, खड़ंजे खुदे पड़े हैं। गोबर चौकी में नारकीय हालात हैं। कोई भी विकास पांच साल में नहीं कराया। मंत्री बनने के बाद भी क्षेत्र में काम नहीं होने से जनता नाराज है। धनौली क्षेत्र में नाला अधूरा पड़ा है।