पीड़ित ने बताया कि वह दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी कार्यालय पहुंचा तो प्रार्थना पत्र लेकर उसे टरका दिया गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर के पास गया लेकिन वहां भी केवल आश्वासन ही मिला। उधर इसकी जानकारी होने पर दरोगा ने पत्नी पर दबाव बनाकर उसका सारा सामान घर से बाहर फेंकवा दिया। हालात यह है कि पीड़ित इंजीनियर होटल में कमरा लेकर रात गुजार रहा है और दरोगा उसकी पत्नी के साथ उसके ही घर में रह रहा है।