निगोहां में शासन के फरमान के बावजूद जमाखोर और दुकानदार जनता को दर्द देने से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को इलाके के कई लोगों ने आरोप लगाया कि दुकानदारों ने अरहर का रेट 180 रुपये किलो कर दिया है।
जबकि पांच दिन पहले दाल के दाम 80 रुपये किलो थे। यही हाल सब्जी और फल दुकानदारों का है। सभी मनमाने दाम वसूल रहे हैं। वहीं, पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और बेवजह घूमने वालों को समझाकर घर भेजा।
वहीं, फल विक्रेता कस्बे में हाईवे किनारे न लगाकर गांवों में सेब, संतरे पहले 40 किलो अब 70, केला पहले 50 अब 70 रुपये दर्जन के दामों में बेच रहें हैं। सब्जियों की साप्ताहिक बाजार न लगने से ग्रामीण चिंतित हैं। कस्बे में एकाध सब्जी विक्रेता पिकअप डाले में सब्जी मंडी से लेकर आये और थोड़ी देर में बेचकर निकल गए।
जरूरतमंदों को कराई जा रही भोजन की व्यवस्था
प्रभारी निरीक्षक निगोहां चिरंजीव मोहन ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जरूरतमंदों को भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। आज कस्बे के परचून दुकानदारों के साथ बैठक की जाएगी।
हाईवे से रायबरेली बछरांवा के कुर्रीसुदौली रोड पर बॉर्डर पर तैनात सबइंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि दोपहिया वाहन को सीज व दो का चालान किया गया।
रघुनाथखेड़ा निवासी राकेश रावत का पुत्र पंकज तीन दिन पहले तेलंगाना से गांव लौटा था। उसे बुखार था। सूचना पर पूरे परिवार को सीएचसी मोहनलालगंज भेजा गया।
वहीं, दिल्ली से रायबरेली के हलोर के लिए निकली आठ युवाओं की टोली जैसे ही निगोहां थाने के सामने पहुंची तो प्रभारी निरीक्षक ने पूछताछ की। सभी ने जवाब दिया कि साधन नहीं है। तीन दिनों से भूखे हैं। प्रभारी निरीक्षक ने सभी के लिए खाने की व्यवस्था कराई।
फल और सब्जी के दामों में वृद्धि
माल मे आटा, दाल, चावल, चीनी, तेल जैसी तमाम आवश्यक चीजों की किल्लत हो गई है। आटा 35 रुपये किलो, कडु़वा तेल 120 रुपये किलो, अरहर सहित मसूर, चना, मटर और उरद की दालों में भी दस से 15 रुपये का इजाफा हो गया है।
वहीं, आलू 60 रुपये किलो, टमाटर 50 रुपये, प्याज 80 रुपये, मटर 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। जबकिे फलों में केला 60 रुपये दर्जन, सेब 130 रुपये संतरा, 70 रुपये किलो की दर से बिक रहा है।
यही हाल नगराम का भी है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार सोनकर ने नौ टीमों का गठन कर नाकों पर बैरिकेडिंग कर बाहलोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आवश्यक सामग्री आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से करीब 50 वाहनों मालिकों को शहर से आवश्यक सामग्री लाने के लिए अनुज्ञा पत्र जारी किए गए।