गुरुवार को वह सीतापुर से बाइक से लखनऊ में डंडहिया बाजार निवासी भाई मुन्ना मिश्रा के पास दवा लेने आ रहे थे। उनसे पत्नी शीला की दवा का पर्चा भेजा था। भिठौली क्रॉसिंग के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी।
पुलिसकर्मियों ने रोका तो उन्होंने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेडिंग में टकराने से बचे। लेकिन कुछ दूर जाते ही बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में शैलेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन पुलिस ने उनको ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एडीएम अशोक शुक्ला ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने शैलेंद्र को रोकने के लिए कहा। उनके बाइक की रफ्तार ज्यादा थी। इस पर एक पुलिसकर्मी ने डंडा लेकर दौड़ाया। इससे वह घबराकर भागने लगे। इसी कारण हादसा हुआ।
इस संबंध में जब चौकी प्रभारी से बातचीत हुई तो वह लापरवाही के बारे में सही से जवाब नहीं दे सके। उनका दावा है कि उसके पास रिकार्डिंग भी है। हालांकि, पुलिस ने बदसुलूकी और डंडा चलाने से इंकार कर दिया।