थोक मंडी में व्यापारियों ने लॉकडाउन के हालात को देखते हुए आलू और टमाटर की जमाखोरी शुरू कर दी है। उनकी मंशा है कि इसकी मांग बढ़ने पर उसे मनमानी कीमत पर बेच सकें।
जो आलू दो दिन पहले 20 रुपये किलो बिक रहा था, उसे 30 रुपये किलो बेचा गया। इसी प्रकार 25 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर 60 रुपये किलो तक बिक रहा है।
लौकी 20 रुपये किलो और कद्दू 10 रुपये किलो और प्याज 15 से 25 रुपये किलो बिक रहा है। सिर्फ आलू और टमाटर की खपत बढ़ने से दुकानदार और व्यापारी मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
राजधानी के एक थोक कारोबारी के आटे से लदे वाहन का पुलिस ने चालान कर दिया गया। उसे बाराबंकी वापस लौटना पड़ा। व्यापारी नेता भारत भूषण गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह वाहन बाराबंकी से आटा लेकर लखनऊ आ रहा था।
लखनऊ और बाराबंकी की सीमा पर चेकिंग दस्ते ने पास होने के बाद भी वाहन का चालान करके उसको वापस भेज दिया। इससे थोक कारोबारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा यदि दो दिन आटा और अरहर दाल की सप्लाई सामान्य रूप से नहीं हो सकी तो उसका अभाव हो सकता है ।
निशातगंज, हजरतगंज व नरही बाज़ार में सख्ती का असर रहा। सब्जी कुछ मंहगी हुई है। सब्जी वालों का कहना है कि मंडी में माल नहीं आया। इसकी वजह से टमाटर 50 से 60 रुपये, भिंडी 60 से 70 रुपये में बिकी।
पुलिस लगातार घूमती रही। गोमतीनगर में सेंट जोेसेफ अस्पताल के सामने के मेडिकल स्टोर खुले थे पर सन्नाटा था। वहीं विनय खंड, विशाल खंड मार्केट, पत्रकारपुरम, नीलकंठ, मिठाईवाला चौराहा स्थित बाजार में पूरी तरह सन्नाटा रहा।
नरही में पुलिस ने सब्जी-फल मंडी और दुकानें बंद कराईं। मुंशी पुलिया और टेढ़ी पुलिया से कपूरथला और महानगर में गोल मार्केट, निशातगंज मार्केट में इक्का-दुक्का सब्जी के ठेले ही दिखे। डालीगंज में भी सड़क की परचून व दूध ब्रेड की पांच-छह दुकानें ही खुली मिलीं। इन क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त करती रही और अनावश्यक घूमने वालों को पकड़कर उनका चालान भी काटा।