भारत लौटकर राशिद आईएसआई और पाकिस्तानी डिफेंस के लिए काम करने लगा। उसने कई महत्वपूर्ण स्थानों और धार्मिक स्थलों की तस्वीरें भेजीं। उसने दो फोन नंबरो को एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान में आसिम और आमद को व्हॉट्सएप चलाने के लिए ओटीपी बताया। यानी नंबर भारत का था और उस पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चल रहा था।
इसके बदले राशिद को पांच हजार रुपये भी भेजे गए थे। राशिद इन्हीं व्हाट्सएप नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और नक्शे पाकिस्तान को भेजता रहता था।
करीबियों की खंगाल रहे कुंडली
एनआईए राशिद के करीबियों की भी जानकारी जुटा रही है। जिस पेटीएम खाते में पैसे भेजे गए थे, उस मोबाइल धारक से भी जल्द ही पूछताछ की जा सकती है। हालांकि एटीएस की जांच में पता चला था कि जिनके नाम से सिम खरीदे गए और जिनके पेटीएम का इस्तेमाल कर पाकिस्तान से पैसा मंगा गया था, उन्हें राशिद की हरकतों की जानकारी नहीं थी। इसी आधार पर एटीएस ने पूछताछ के बाद बाकी लोगों को छोड़ दिया था।