गोंडा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न के उठान एवं वितरण व्यवस्था को निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, उप जिलाधिकारीगण व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के स्तर से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने तथा त्रिस्तरीय सत्यापन के आदेश डीएम ने दिए हैं।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने बताया कि खाद्यान्न के उठान, वितरण एवं सत्यापन की व्यवस्था के लिए जिला खाद्य वितरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक दशा में प्रत्येक ब्लाक/शहर गोदाम पर भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से वितरण माह के पूर्ववर्ती माह की 20 तारीख तक संपूर्ण मात्रा का आमद प्राप्त हो जाए।
वितरण माह से पूर्ववर्ती माह की 21 तारीख से मास के अंत तक विपणन शाखा तथा आवश्यक वस्तु निगम के ब्लाक गोदामों से संबंधित गोदाम प्रभारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उचित दर विक्रेताओं द्वारा मासिक वितरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के उपरान्त खाद्यान्न गेहूं, चावल इत्यादि की पूरी आवंटित मात्रा का उठान एक साथ किया जाए।
गोदाम प्रभारी द्वारा खाद्यान्न गोदाम स्तर पर प्रत्येक उचित दर विक्रेता की पत्रावली, जिसमें उसकी एक फोटो (पूर्ति निरीक्षक द्वारा प्रमाणित) चस्पा होगी और इसी पत्रावली में वितरण प्रमाणपत्र (उपयोगिता प्रमाणपत्र) को सुरक्षित रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने शासनादेश में आमद मात्रा का सत्यापन प्रत्येक माह की 21 तारीख तक सुनिश्चित कराने गोदामों पर प्रथम स्तर पर सत्यापन के सम्बन्ध में गोदामवार अधिकारियों को नामित किया है जिसमें सूरज पटेल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी गोंडा सदर इटियाथोक व रूपईडीह, बीर बहादुर यादव, अपर उपजिलाधिकारी को झंझरी, आत्रेय मिश्रा, अपर उपजिलाधिकारी को पण्डरी कृपाल, आकाश सिंह, अपर उपजिलाधिकारी को मुजेहना, जीसी गुप्ता, उपजिलाधिकारी मनकापुर को मनकापुर व छपिया का दायित्व दिया गया है।