मानसून की पहली बरसात के साथ ही राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया। सोमवार शाम चार बजे तक 127.50 मीटर के जल स्तर पर बह रही राप्ती नदी ने मंगलवार सुबह 127.70 मीटर के स्तर को छू लिया।
नेपाल सरकार पहले ही इसे लेकर अलर्ट जारी कर चुकी थी। राप्ती के उफनाने से जमुनहा-बहराइच मार्ग पर परसोहना संपर्क मार्ग 25 मीटर कट गया। इससे आवागमन पूर्ण रूप से ठप हो गया। कटान से मनकौरा, परसोहना, मध्यनगर, परसोहनी, अकालपुरवा, कुंडा, भगवानपुर व दमोदरा गांव के लगभग 15 हजार लोग प्रभावित हैं।
तेंदुआ रतनपुर व लक्ष्मनपुर जाने वाले रास्ते पर पुल व डिप के ऊपर पानी बहने से आवागमन बाधित है। तेंदुआ पुल के ऊपर से पानी बहने से बसों का आवागमन रोक दिया गया है। कुछ लोग जोखिम लेकर पुल को पार कर रहे हैं
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई एक सड़क कटने की सूचना मिली है। वहां इंजीनियर को भेजा गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। हर स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।