पुलिस ने रिजवान के घर में छापेमारी कर किशोरी को बरामद कर लिया। रिजवान और किशोरी को लेकर पुलिस थाने गई, जहां काफी देर तक पूछताछ की। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने उनकी बात सुनी और आरोपी से पूछताछ की।
कुछ देर बाद थानाध्यक्ष आए और मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया। परिवारीजनों ने ज्यादा दबाव बनाया तो पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए भगा दिया। कहा कि किशोरी के हाईस्कूल का अंकपत्र लेकर आओ तब मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस बीच मौका देख रिजवान पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। आनन-फानन कई टीमें उसकी तलाश में लगाई गईं और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को उसकी तस्वीर भेजी गई। करीब घंटाभर बाद रिजवान कस्बे में दिखा तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया और थाने लेकर पहुंची।
वहां रिजवान ने थाने में कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। देर रात पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।