कैंट क्षेत्र में मासूम से दुष्कर्म के मामले में स्कूल प्रबंधन जहां बच्ची को बस में सकुशल बैठाने का दावा कर रहा है तो दूसरी तरफ उसके क्लास टीचर की मानें तो घर जाते समय बच्ची की स्थिति ठीक नहीं थी।
क्लास टीचर का कहना है कि दोपहर 12.15 बजे जब उसे बस के लिए ले जाया जाने लगा तो वह फूट-फूट कर रोने लगी और क्लास रूम का दरवाजा पकड़ खड़ी हो गई। पूछने पर वह कुछ बोल नहीं रही थी। उसे गोद में लेकर बस में बैठा दिया।
टीचर का कहना है कि काश! बच्ची के इशारे को वह पहचान सकती। उनका कहना है कि वह क्लास में सुबह से ही सुस्त थी। वह अन्य बच्चों से बात भी नहीं कर रही थी।
हिंदी नहीं बोल सकने से उसके दोस्त भी कम हैं। रोने की वजह पूछने पर उसने मराठी में जवाब दिया। लिहाजा कुछ समझ में नहीं आया। टीचर का कहना है कि यदि उसकी बात समझ में आती तो शायद दरिंदा पुलिस की गिरफ्त में होता।
हमें नहीं रहना यूपी में
मासूम के माता-पिता सदमे में हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची को गले से लिपटाकर वह सिर्फ एक ही बात रट रही थी कि नहीं रहना हमें यूपी में। मुझे और मेरी बच्ची को घर छोड़ दो।
उनके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था। पिता का कहना है कि बच्ची का इशारा स्कूल पर ही है। वह हर हाल में स्कूल प्रबंधन की असलियत सामने लाएंगे।
तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात
मासूम से दरिंदगी से इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दुष्कर्म को लेकर नागरिकों में गहरा रोष है। स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत कराया।