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छात्रा से हैवानियत: पुलिस ने आरोपियों से कुबूलवाया सच

Tue, 23 Feb 2016 10:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम व डीजीपी आवास के बीच 12वीं की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या की पड़ताल में जुटी पुलिस ने 17 नशेड़ियों में चार दरिंदे चिह्नित कर लिए हैं। सिर्फ कड़ियां जुटनी बाकी हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाए गए दोनों रिक्शा चालकों के साथ गोल्फ क्लब के दोनों कैडीज को सोमवार दोपहर मौका-ए-वारदात पर ले जाकर बयान दर्ज किए गए।
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वारदात के दौरान चारों की बताई मौजूदगी वाले स्थान चिह्नित करके खूंटे गाड़े और मंगलवार को क्राइम सीन क्रियेट करने की तैयारी की गई है।

एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर जेल से लाए गए रिक्शा चालक सद्गुरु व दीपू से गहन पूछताछ के बाद गोल्फ क्लब के कैडीज नासिर व माइकल से सामना कराया गया। चारों में नोकझोंक हुई और सद्गुरु व दीपू ने नासिर व माइकल पर छात्रा की हत्या का आरोप लगाया। वह दोनों सद्गुरु व दीपू पर भड़कने लगे।

उन पर पुलिस टीम की नजर थी और बातचीत को ध्यान से सुना जा रहा था। ऐसा लगा कि चारों ने छात्रा से दरिंदगी की थी। सवाल उठा कि चारों नशेड़ियों में पहले दरिंदगी करने वाले दो कौन थे?
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यह जानने के लिए एएसपी ट्रांसगोमती जयप्रकाश व एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में जानकीपुरम व हजरतगंज थाने की टीम के साथ साइबर क्राइम सेल व क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार दोपहर मौके पर पहुंची। सद्गुरु-दीपू व नासिर-माइकल को बारी-बारी मौका-ए-वारदात पर ले जाया गया।

इस तय चिन्हित किया गया वारदात का स्‍थान

सीएम व डीजीपी आवास के बीच लोहिया पथ के किनारे लोहे की कटी रेलिंग के बीच से चारों को लेकर पुलिस टीम मंदिर तक पहुंची। सद्गुरु व दीपू वहां से करीब 50 मीटर दूर झाड़ियों की तरफ ले गए। वहां एक स्थान की तरफ इशारा करके बताया कि 10 फरवरी की सुबह 9:30 बजे नित्यक्रिया के लिए बैठे थे।

पुलिस ने सद्गुरु व दीपू के बताए स्थान पर खूंटे गाड़े। दोनों ने हैदर केनाल के किनारे झाड़ियों के बीच स्थित पेड़ की तरफ इशारा करके बताया कि नित्यक्रिया के दौरान उन्होंने छात्रा का शव पेड़ से लटका देखा था।

इसके बाद मंदिर की तरफ देखा और अपनी मौजूदगी के स्थान से 20 मीटर दूर यूकेलिप्टस के झुके पेड़ की तरफ इशारा करके कहा कि माइकल व नासिर वहां बैठकर गांजा पी रहे थे। नासिर व माइकल ने भी दोनों के बयान की पुष्टि की और बोले कि सद्गुरु ने उन्हें शव लटका होने की जानकारी दी थी।

पुलिस ने उन दोनों की मौजूदगी वाले स्थान पर भी खूंटे गाड़े। माइकल बोला कि वह तीनों को मौके पर छोड़कर चला गया था।

चार दरिंदों में पहल करने वाले दो पर अटकी पड़ताल

एसएसपी ने बताया कि सद्गुरु, दीपू, नासिर व माइकल से अलग-अलग और आमने-सामने करके पूछताछ की गई। उन्होंने छात्रा के शव के साथ दरिंदगी कुबूली, लेकिन शव फंदे पर लटका होने की बात दोहराते रहे।

सवाल उठा कि दरिंदगी करने वाला पहला व्यक्ति कौन था? सद्गुरु व दीपू का कहना है कि वह दोनों नित्यक्रिया के लिए आए तो माइकल व नासिर बैठे गांजा पी रहे थे। शव लटका देखकर उन्होंने माइकल व नासिर को जानकारी दी तो माइकल बहाना करके चला गया।

पुलिस को नासिर व माइकल द्वारा छात्रा से दरिंदगी करके दुपट्टे से गला घोंटने के बाद शव झाड़ियों के बीच स्थित पेड़ से बांधने का संदेह हुआ, लेकिन छात्रा के कोट पर बात फिर अटक गई। सद्गुरु से सवाल किया गया कि माइकल और नासिर ने पहल की होती तो छात्रा का कोट उसके तन पर नहीं होता।

ढेले की चोट से बेहोश हुई थी छात्रा

एसएसपी का मानना है कि चारों दरिंदों में से कोई दो व्यक्ति मंदिर के पास स्मैक या गांजा पी रहे थे। इस दौरान छात्रा लोहिया पथ से ढाल उतरकर मंदिर तक पहुंची। कम से कम दो नशेड़ियों ने उसे नित्यक्रिया या लघुशंका करते देखा।

उसके साथ किसी अन्य की मौजूदगी का पता लगाने के लिए झाड़ियों के पीछे से एक ढेला फेंका जो छात्रा के सिर के पिछले हिस्से पर जा लगा और वह बेहोश हो गई। कोई आहट न मिलने पर नशेड़ियों ने झाड़ियों में झांका।

छात्रा को अर्धनग्न हालत में बेहोश पड़ा देखकर हैवान बन गए। इस दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दरिंदों ने गले पर दुपट्टे का फंदा कसा और पेड़ के पास ले जाकर लटकाने की कोशिश की।

नाकाम रहने पर उसे पेड़ से बांधकर छिप गए। इसके बाद दो अन्य नशेड़ियों ने छात्रा के शव से दरिंदगी की और सिलसिला तीन दिन तक चला।

कोशिश के बाद भी लटका नहीं पाए शव

एसएसपी ने बताया कि छात्रा के गले पर फंदे का गोल निशान था जो गला घोंटने पर बनता है, लेकिन पोस्टमार्टम में वह निशान मौत के बाद का पाया गया।

इतना ही नहीं छात्रा की ठुड्डी के नीचे व सिर के पिछले हिस्से में फंदे की गांठ के निशान पाए गए और दोनों कनपटी के पास भी निशान थे।

माना जा रहा है कि सिर की चोट से बेहोश छात्रा से नशे में गैंगरेप के दौरान शरीर के अंदरूनी हिस्से में अत्याधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई।

दरिंदों ने आत्महत्या का रूप देने के लिए दुपट्टे का फंदा कसा और पेड़ से लटकाने की कोशिश की। छात्रा का चेहरा पेड़ के तने की तरफ ले गए तो कभी पीठ की तरफ से लटकाने का प्रयास किया। नाकाम रहने पर पेड़ के सहारे खड़ा करके बांध दिया था।
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छात्रा की साइकिल बेच स्मैक खरीदे जाने का शक

मौका-ए-वारदात पर चारों से पूछताछ में सद्गुरु व दीपू ने नासिर व माइकल के पहले से मौजूद होने और शव लटका होने की बात सुनकर माइकल के चले जाने का बयान दिया। झाड़ियों से सड़क तक जाने के दो रास्ते हैं।

एक मंदिर के पास से चढ़कर लोहिया पथ पर और दूसरा रास्ता डीजीपी ऑफिस के मोड़ के पास सड़क से जुड़ता है। आमतौर पर लोहिया पथ के किनारे कटी रेलिंग का रास्ते से आवागमन होता है।

पुलिस को शक है कि तीनों नशेड़ियों को छोड़कर निकले माइकल ने लोहिया पथ के किनारे छात्रा की साइकिल खड़ी देखी। स्मैकियों की नजर साइकिल पर रहती है। माना जा रहा है कि माइकल ही छात्रा की साइकिल लेकर भागा।

कबाड़ियों से तहकीकात शुरू
पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने माइकल पर शक गहराते ही बालू अड्डा, निशातगंज व आसपास के इलाकों में कबाड़ का व्यवसाय करने वालों से तहकीकात शुरू की है। छात्रा की साइकिल कबाड़ में बेचकर स्मैक खरीदे जाने का शक है।
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