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रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल : हड्डी रोग विभाग पांच माह से ठप, ओटी भी बंद

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रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल।
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लखनऊ। राजाजीपुरम स्थित 100 बेड वाले रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। पांच महीनों से यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ (आर्थोपेडिक डॉक्टर) न होने के कारण विभाग पूरी तरह ठप पड़ा है। आलम यह है कि मरीजों को साधारण प्लास्टर तक नहीं लग पा रहा है, जिससे उन्हें जिला अस्पताल या सिविल अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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अस्पताल में बीते साल पुनर्नियुक्ति पर तैनात एक डॉक्टर की सेवा नवंबर में समाप्त हो गई थी। इसके बाद एडी मंडल ने एक अन्य डॉक्टर को यहां संबद्ध किया था, लेकिन उन्होंने कार्यभार संभालने से इन्कार कर दिया। नतीजतन, पांच माह से हड्डी रोग विभाग बिना डॉक्टर के चल रहा है।

प्रतिदिन करीब एक हजार की ओपीडी वाले इस अस्पताल में गाइनी, ईएनटी और जनरल सर्जरी जैसे विभाग तो चल रहे हैं, लेकिन हड्डी की चोट लेकर आने वाले गरीब मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि सुविधा के अभाव में उन्हें समय और धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीलिमा सोनकर ने बताया कि डॉक्टर की स्थायी तैनाती के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र भेजा गया है।

बेहोशी का डॉक्टर भी नहीं

हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से संबंधित ऑपरेशन तो बंद हैं ही, अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर (एनेस्थेटिस्ट) की भी स्थायी तैनाती नहीं है। फिलहाल एक संबद्ध डॉक्टर के भरोसे जैसे-तैसे प्रतिदिन 8 से 10 मेजर-माइनर ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
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