लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने लखनऊ आए केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह पर जमकर आरोप लगाए।
कार्यकर्ता सम्मेलन में सांसद चिराग पासवान ने कहा कि मुंबई में यूपी और बिहार के लोगों का अपमान देखा तो राजनीति में आने का फैसला किया।
यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में जाते हैं और अपमान सहते हैं। ऐसा इसलिए है कि यहां के नेताओं की नीयत ठीक नहीं है।
मायावती ने पत्थरों के स्मारक बनाने के बजाय उस धन को गरीबों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च किया होता तो तस्वीर दूसरी होती।
उन्होंने मुलायम सिंह के बयान ‘लड़कों से गलती हो जाती है’ की आलोचना की। कहा, रेप करने वाले तो गुनहगार है हीं, उनका यह बयान भी उतना ही दोषी है।
वहीं केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि यूपी सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लोगों को सस्ता अनाज मुहैया नहीं करा पा रही है।देश में 11 राज्य इस व्यवस्था को लागू कर चुके हैं।
मायावती ने बर्बाद किया दलितों को
उन्होंने मुलायम, मायावती और सोनिया गांधी पर भी खूब शब्द बाण चलाए। लक्ष्मण मेला मैदान में मंगलवार को आयोजित लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में पासवान बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने कभी ‘तिलक, तराजू, तलवार ...’ का नारा दिया तो कभी ‘ब्रह्मा, विष्णु, महेश...’ का। उन्होंने न दलितों के लिए कुछ किया और न ही समाज के किसी अन्य वर्ग के लिए।
यहां तक कि जाटव समाज का भी वह कोई भला नहीं कर सकीं। यही वजह है कि लोकसभा से बसपा का सूपड़ा साफ हो गया।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को उन्होंने दलित विरोधी बताया। कहा, वोट बैंक की खातिर उन्होंने दलितों के लिए आरक्षण का हमेशा विरोध किया। मुसलमानों को नौकरियों में 18 फीसदी आरक्षण और सोशल सेक्टर में 20 फीसदी आरक्षण का उनका नारा भी खोखला है।
माया और मुलायम से ताकतवर हम
पासवान ने कहा, देश में मुलायम और मायावती से ज्यादा उनकी ताकत है। दोनों पार्टियों से ज्यादा सांसद उनकी पार्टी के हैं। उन्होंने यूपी में मुसलमानों व दलितों की बदतर स्थिति के लिए मुलायम, मायावती और सोनिया को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि बिहार में लालू यादव और नीतीश कुमार का भी इन्हीं की तरह हश्र होगा। लोजपा अध्यक्ष ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, यहां दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल क्यों नहीं मिल पा रहा है।
लोगों को राशन कार्ड तक नहीं मिल पा रहा। वह जल्द ही प्रदेश सरकार से पीडीएस का हिसाब किताब मांगेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। कहा, उन्होंने कभी गुजरात में गोधरा कांड का दोहराव नहीं होने दिया।
विदेश दौरों में उन्हें जबरदस्त सफलता मिल रही है। कश्मीर में हुर्रियत के नेता टूटकर वार्ता के लिए आगे आ रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ नारों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
स्वच्छता अभियान का असर है कि पढ़े-लिखे लोगों को भी झाड़ू पकड़ने में शर्म नहीं आ रही है। उन्होंने कहा, दलित आदिवासी गरीबी के कारण नक्सली बन रहे हैं। इसे बदलना होगा।
पासवान ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एक साल के भीतर वे संगठन को पंचायत स्तर तक पहुंचाएं। ऐसा करें कि 6 की जगह 60 सांसद लोकसभा में हों।
यूपी में नहीं खरीदा जाता किसानों का गेहूं
केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने संवाददाताओं को विभागीय रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि यूपी सरकार किसानों का गेहूं ही नहीं खरीद पा रही है।
इस साल प्रदेश में 349 लाख टन गेहूं पैदा हुआ, जिसमें से महज छह लाख टन गेहूं ही सरकार ने खरीदा। किसान खुले बाजार में औने-पौने दामों में गेहूं बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने एनडीए का हिस्सा रहते हुए आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की भी बात कही।
कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने संवाददाताओं को बताया कि देश के सभी राज्यों में खाद्य सुरक्षा नीति को सर्वसम्मति से लागू करना चाहते हैं। उनकी कोशिश है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाए।
उन्होंने यूपी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की हालत को खराब बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अनाज की रैक यहां भेज दी है। लेकिन राज्य सरकार अभी तक यही तय नहीं कर पाई है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत किसे सस्ता अनाज देना है।
एक सवाल के जवाब में केंद्रीय खाद्य मंत्री ने कहा कि यूपी में लोक जनशक्ति पार्टी को खड़ा करने के लिए वह यहां आए हैं। उधर नरेंद्र मोदी को एनआरआई बताने संबंधी लालू यादव के बयान पर रामविलास पासवान ने कहा कि वह सुर्खियों में बने रहने के लिए अनाप शनाप बोलते हैं।उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।