वैध निर्माण के आरोपी बिसवां (सीतापुर) के विधायक रामपाल यादव की सोमवार को समाजवादी पार्टी में वापसी हो गई।
उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और गलत कार्यों में शामिल होने पर सपा से निष्कासित किया गया था। रामपाल से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपनी जान का खतरा बताया था।
रामपाल यादव उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने बेटे जितेंद्र यादव को सपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया। जितेंद्र चुनाव जीत गए थे।
इस चुनाव में हार पर सपा के चार विधायकों को निलंबित किया गया था, लेकिन बाद में बहाल कर दिया गया। रामपाल को अप्रैल 2016 में फिर से सपा से निष्कासित किया गया।