रामलला के लिए चांदी का बना हुआ मंदिर।
- फोटो : amar ujala
मंत्रोच्चार के बीच फूल से थाल की चार अलग-अलग पालकी सजाकर फूल व अक्षत के बीच रामलला अपने भाइयों भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न के विग्रह को रखा जाएगा। जबकि हनुमान जी का विग्रह एक भक्त के कंधे पर विराजमान होगा। यहां से भक्तिभाव के बीच घंटे-घड़ियाल व शंखध्वनि के बीच यात्रा निकलेगी।
भोर में तीन बजे रामलला को नए मंदिर में राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र की ओर से भेंट किए गये चांदी के सिंहासन पर विराजमान करने के बाद साढ़े तीन घंटे तक पूजन होगा।
साढ़े छह बजे भोर की आरती के बाद सात बजे भक्तों के दर्शन के लिए रामलला का नया दरबार व दर्शन मार्ग खोल दिया जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सीएमओ को एक गोपनीय पत्र जारी कर एसपी सिटी ने मंगलवार शाम को एबुलेंस व आपात चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
अनुष्ठान का एक दृश्य (फाइल फोटो)
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रामलला को अस्थायी गर्भगृह में विराजमान करने के लिए पालकी यात्रा में अयोध्या के शीर्ष संत, ट्रस्टी समेत कुछ भक्त भी शामिल होंगे। इसकी सूची बन गई है। कुल संख्या करीब 50 बताई जा रही है।
ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास, मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, महंत कमलनयन दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत व ट्रस्टी दिनेंद्र दास समेत स्थानीय ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डीएम अनुज कुमार झा भी इसमें शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से भी कुछ ट्रस्टी खास विमान से अयोध्या आ रहे हैं, कमिश्नर, आईजी समेत विधायक वेद प्रकाश गुप्त, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय आदि चुनिंदा जनप्रतिनिधि व खास भक्त भी उपस्थित रहेंगे।