बसपा सुप्रीमो को आगाह करते हुए अठावले ने कहा कि सपा मायावती को पहले भी धोखा दे चुकी है और आगे भी धोखा देगी, जबकि भाजपा ने उन्हें तीन बार मदद देकर मुख्यमंत्री बनाया। गोरखपुर व फूलपुर में मायावती ने सपा का खुलकर समर्थन किया, लेकिन राज्यसभा चुनाव में सपा ने उन्हें धोखा दिया। अगर सपा ने अपनी पहली वरीयता का वोट दिलाया होता तो बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर भी आज सांसद बन गए होते।
अठावले ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम में ‘रामजी’ शब्द जोड़ने के यूपी सरकार के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रभु राम के नाम से इसका कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
भाजपा सांसद साबित्री बाई फूले द्वारा केंद्र व प्रदेश सरकार की आलोचना पर अठावले ने कहा कि ऐसा करना गलत है। जहां तक दलितों के आरक्षण का मामला है तो इसमें केंद्र ने अपने स्तर से कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्र इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पीटिशन दाखिल करने जा रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देगी।