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यूपी में नहीं थम रहा दलितों का उत्पीड़न, मायावती ने भी किया उनका इस्तेमाल: आठवले

Wed, 28 Feb 2018 08:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रामदास आठवले - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि यूपी में दलितों का उत्पीड़न थमने का नाम नहीं ले रहा है। वे इस बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर बातचीत करेंगे। आठवले ने विभिन्न बैंकों और डाक विभाग के अधिकारियों के साथ एससी-एसटी के खाली पदों को लेकर समीक्षा बैठक भी की।

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आठवले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूपी के कुछ हिस्सों में दलितों के साथ अत्याचार हो रहे हैं। योगी सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। दलितों पर अत्याचार हमेशा से होते रहे हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में स्थिति में आमूलचूल बदलाव आने की उन्हें उम्मीद है। उन्होंने अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि लव जेहाद के नाम पर किसी की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

आठवले ने कहा, एसबीआई में एससी-एसटी के 87 पद खाली हैं। पीएनबी में 25 और रेलवे के लखनऊ मंडल में 849 पद खाली हैं। इन सभी पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण बढ़ाया है। नौ लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के उपकरण भी बांटे जा चुके हैं।

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भाजपा के खेमे में जा रहा है दलित

- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के वोट का सिर्फ अपने निजी हित में इस्तेमाल किया। यही वजह है कि 12-13 फीसदी दलित वोट या तो उनकी पार्टी आरपीआई के साथ आ गया या फिर उनके कहने से भाजपा में चला गया। वे आरपीआई को यूपी में मजबूत करने के लिए लगातार सभाएं कर रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव आरपीआई भाजपा के साथ मिलकर ही लड़ेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजमगढ़ का एक युवक कमलेश भारती आठवले के पास आकर इंसाफ की मांग करने लगा। उसने सपा से जुड़े एक नेता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। आठवले ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अयोध्या विवाद का सुझाया हल
आठवले ने अयोध्या विवाद का हल सुझाते हुए कहा, विवादित स्थान की 40-45 एकड़ जमीन में भव्य मंदिर बनना चाहिए, जबकि शेष जमीन में मुस्लिम यूनिवर्सिटी या अस्पताल खुलना चाहिए। यह काम हिंदू-मुस्लिमों को मिलकर करना चाहिए ताकि हमेशा के लिए विवाद खत्म हो सके। मस्जिद बनाने के लिए किसी अन्य स्थान पर जमीन दी जानी चाहिए।
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