रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा आधुनिक तकनीक से लैस होगी। सुरक्षा का ऐसा खाका खींचा जा रहा है जिससे रामलला के भक्तों को असुविधा न हो। रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा का नया प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी शासन की ओर से सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक बल) को सौंपी गई थी। सीआईएसएफ ने नए सिरे से तैयार सुरक्षा प्लान को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसे मंजूरी मिल गयी है। जिसके बाद सीआईएसएफ के अधिकारियों ने अयोध्या पहुंचकर रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण किया।
सीआईएसएफ के डीजी शीलवर्धन व डीआईजी सुमंत सिंह ने आईजीजोन पीयूष मोर्डिया के साथ निर्माणाधीन रामजन्मभूमि पथ व रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद सुरक्षा एजेंसियों के साथ परिसर में ही बैठक की गई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार सीआईएसएफ के सुरक्षा प्लान को शासन से मंजूरी मिल गई है। अब इस प्लान के क्रियान्यवन को लेकर निरीक्षण किया गया है। रामजन्मभूमि की सुरक्षा में आधुनिक उपकरणों का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। यात्रियों का सामान रखने व पार्किंग की सुविधा रामजन्मभूमि परिसर से कुछ दूरी पर हो, ऐसी चर्चा हुई है।
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रामलला के दर्शनार्थी अपने साथ मंदिर में प्रसाद के अलावा कुछ नहीं ले जा सकेंगे। बैठक में सीसीटीवी कैमरे, मार्डन कंट्रोल रूम को लेकर विचार विमर्श हुआ। लगेज स्कैनर रामजन्मभूमि पथ पर किस स्थान पर लगाया जाए, इसको लेकर विचार विमर्श हुआ है। इसके अलावा सावन व कांवड़ मेले में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अयोध्या पुलिस द्वारा किए गए इंतजामों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरन नैयर सहित सीआरपीएफ, पीएसी व खुफिया विभाग के भी अधिकारी मौजूद रहे।