पुलिस ने अब तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों, मंदिर कर्मचारियों और चढ़ावे की गणना व जमा प्रक्रिया से जुड़े बैंककर्मियों समेत 100 से अधिक लोगों को सफीना जारी किया है। इनमें कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस उन सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है, जिनसे वित्तीय व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता की जानकारी मिल सके।
लेजर जांच में सामने आने वाले तथ्य आगे की पूछताछ का आधार बन सकते हैं। किसी प्रविष्टि की पुष्टि या उससे जुड़े व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने के लिए दोबारा भी सफीना जारी किया जा सकता है। विवेचक नियमित रूप से मंदिर पहुंचकर रिकॉर्ड और व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं।