सूत्रों के अनुसार, एसआईटी यह भी देखेगी कि अब तक जुटाए गए साक्ष्य न्यायालय में अभियोजन की कसौटी पर कितने मजबूत हैं। यदि किसी बिंदु पर साक्ष्य की शृंखला कमजोर पाई जाती है तो उसे मजबूत करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज, डिजिटल डेटा या विशेषज्ञों की राय भी ली जा सकती है। वहीं, डीआईजी सोमेन बर्मा ने बताया कि अभी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है।
श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन की तरह अब राम दरबार में भी श्रद्धालुओं के लिए नई दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था पहले से अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाई गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन कराना है। ऐसे में श्रद्धालु अब पांच कतार में लगकर राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे।
व्यवस्था सुदृढ़ करते हुए राम दरबार में रेलिंग लगाई गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग दीर्घाएं निर्धारित की गई हैं। अब तक श्रद्धालु बिना किसी रेलिंग के सीधे राम दरबार के निकट दर्शन करते थे। भीड़ बढ़ने पर आने-जाने का मार्ग एक होने से अव्यवस्था होती थी। नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी। इससे भीड़ प्रबंधन में भी काफी सहूलियत मिलेगी। विशेष अवसरों और त्योहारों पर अनावश्यक भीड़ का सामना कम करना पड़ेगा।
बीते सात जून को राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर की दर्शन व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। राम दरबार में यह बदलाव इसी कड़ी का हिस्सा है। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में सुधार कर रहा है। इसका लक्ष्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का लाभ देना है।