चंपत राय के मुताबिक पोर्टेबल राममंदिर 48 इंच लंबा, 24.59 इंच चौड़ा और पताका के साथ 57.6 सेमी ऊंचा होगा। यह फाइबर से बनेगा, जिसकी आयु 50 साल से अधिक होगी। चारों तरफ से कास्ट फ्रेम और शीशे से पैक होगा। इसका कुल वजन 14 किलो होगा। इसमें भी रामलला का वही दृश्य उपस्थित होगा, जैसा अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राममंदिर का होगा। तीन तरफ से गर्भगृह में विराजमान रामलला का भक्त दर्शन कर सकेंगे।
काशी की तरह बने अयोध्या
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अयोध्या को भी काशी की तरह विकसित करना चाहिए। यह विश्व की धार्मिक सांस्कृतिक राजधानी है। इसका स्वरूप भी विश्व के लोगों को आकर्षित करने वाला होना चाहिए। उन्होंने काशी में प्रधानमंत्री के प्रयास से बन रहे कॉरिडोर समेत तमाम कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे ही कॉरिडोर की आवश्यकता अयोध्या में भी जताई।
विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय
- फोटो : फाइल
श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा ने मंगलवार की देर शाम राम मंदिर के ट्रस्टी निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास से उनके आश्रम पर जाकर मुलाकात की। मुलाकात में राम मंदिर निर्माण की तिथि सहित अन्य कई मुद्दों पर वार्ता हुई ।
महंत दिनेन्द्र दास ने बताया कि रामनवमी से पहले ही रामलला को नए गर्भ गृह में शिफ्ट करने की तैयारी जोरों पर है। ट्रस्ट रामनवमी में रामलला को नए घर में स्थापित करना चाहती है। महंत दिनेन्द्र दास ने बताया कि राम मंदिर निर्माण की तिथि को लेकर भी चर्चा हुई। जो कि अगली बैठक में तय की जाएगी। बताया कि रामनवमी के बाद ट्रस्ट की अगली बैठक अप्रैल में हो सकती है। बैठक में ही निर्माण की तिथि व मुहूर्त तय होगा।
रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में तराशे गऐ पत्थरों की चमक धूमिल पड़ गई है। ये पत्थर कार्यशाला में 28 साल से खुले आसमान में रखे हुए हैं। ये बदरंग हो गए व काई जम गई है। सफाई की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने मंगलवार की सुबह रामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला पहुंचकर पत्थरों की साफ-सफाई पर रणनीति बनाई। माना जा रहा है कि होली के बाद से पत्थरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी।