राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दानराशि गड़बड़ी प्रकरण में चर्चाओं के केंद्र में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर किया जा रहा प्रचार पूरी तरह भ्रामक है।
टिन्नू ने बताया कि उन्होंने 1988 में ओटीसी किया और 1993 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़कर राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अनुसार जिस जमीन और मकान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीन उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदी थी तथा 2015 में उस पर मकान का निर्माण कराया था।
उन्होंने कहा कि संगठन से मिलने वाले मानदेय और अपने ऑटोमोबाइल व्यवसाय की आय से यह संपत्ति बनाई गई। बाद में राम मंदिर निर्माण के दौरान एलएंडटी की टीम को मकान किराए पर दिया गया, जिससे आय होती रही। टिन्नू ने 50 करोड़ रुपये की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सच का फैसला भगवान श्रीराम करेंगे।