इंतजार खत्म हुआ। प्रभु राम के दर्शन कीजिए। दिव्य प्रतिमा के दर्शन जिसका हम बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह तस्वीर गर्भगृह से आई है। इस तस्वीर में उनके पूरे स्वरूप को देखा जा सकता है। तस्वीर में रामलला माथे पर तिलक लगाए बेहद सौम्य मुद्रा में दिख रहे हैं। तस्वीर में उनके चेहरे पर भक्तों का मन मोह लेने वाली मुस्कान देखी जा सकती है। इसी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होनी है।
प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले रामलला की अचल मूर्ति की पूरी तस्वीर शुक्रवार को सामने आई। श्याम शिला से बनी रामलला की अचल मूर्ति बेमिसाल व अद्भुत है। दुनिया में यह रामलला का एक मात्र विग्रह होगा जिसमें श्रीहरि के दस अवतारों के एक साथ दर्शन होंगे। इस मूर्ति को कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है।
बाल स्वरूप रामलला के अचल विग्रह के पीछे आभामंडल बनाया गया है। एक ही विग्रह में श्रीहरि के दस अवतारों का दर्शन भक्तों को प्राप्त होगा। मूर्ति की ऊंचाई 4. 24 फीट व चौड़ाई तीन फीट है। अचल मूर्ति को राम जन्मभूमि के नवनिर्मित गर्भगृह में 3़ 4 फीट ऊंचे संगमरमर के सिंहासन पर विराजित किया गया है। मुकुट आदि लेकर मूर्ति की कुल ऊंचाई आठ फीट हो जाएगी।
अचल विग्रह के दाहिने ओर मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, व वामन भगवान के विग्रह बनाए गए हैं। जबकि बायीं ओर भगवान परशुराम, राम, कृष्ण, व कल्कि अवतार को दर्शाया गया है। कमल के आसन पर रामलला खड़ी मुद्रा में हैं। दाहिने चरण के पास हनुमान जी और बाएं चरण पर गरुण जी की मूर्ति बनी है। मूर्ति का वजन करीब दो सौ किलो है। मूर्ति के शिखर पर सूर्य भगवान, स्वास्तिक, ऊं, चक्र, गदा के चित्र भी उकेरे गए हैं। अचल विग्रह में बाल सुलभ कोमलता झलक रही है। रामलला को धनुष व बाण अलग से धारण कराया जाएगा।
अब 23 जनवरी को मिलेंगे दर्शन
रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार से तीन दिनों तक रामलला के दर्शन नहीं हो सकेंगे। 20 व 21 को अस्थायी राममंदिर में दर्शन बंद रहेगा। जबकि 22 जनवरी को नए मंदिर में रामलला की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। इस दिन केवल प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मौजूद अतिथियों को ही दर्शन मिलेगा। आम श्रद्धालु 23 जनवरी को नए मंदिर में रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
सीएम ने कहा संयम बरतें लोग
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। दर्शन के लिए लोगों से संयम बरतने के लिए कहा है। सीएम ने आगे कहा कि सभी के मन में उत्साह और उमंग है। यह मौका अयोध्या धाम में जश्न का है।
वेदों का पारायण 21 को
मंडपपूजा के क्रम में मंदिर के तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपाल की पूजा की गई। वहीं, पांच वैदिक आचार्यों ने अनुष्ठान की कड़ी में ही चारों वेदों का पारायण भी शुरू कर दिया है, जिनका पारायण 21 जनवरी को होगा।