राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर के बाद पुलिस ने सभी नामजद आठ आरोपियों को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार राम मंदिर दान गबन मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार सभी को राम जन्मभूमि परिसर स्थित राम जन्मभूमि चौकी पर रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना राम जन्मभूमि प्रभारी सुमित श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी तथा एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी स्वयं परिसर में मौजूद हैं और जांच की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, गबन मामले में एफआईआर की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ रामजन्मभूमि थाने के पास जुट गई। सभी यह देखने को उतावले थे कि भगवान के मंदिर में गबन करने वाले कौन लोग हैं। प्राथमिकी के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने वालों की लाइन लग गई। सभी अपने अपने तरीके से इस कार्रवाई की व्याख्या में जुटे रहे।
जांच के घेरे में कई चेहरे
मंदिर के चढ़ावे की गणना में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले में कई लोगों की भूमिका जांच एजेंसियों के निशाने पर है। इस प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को अहम किरदार माना जा रहा है। बताया जाता है कि वह मंदिर की व्यवस्थाओं में सक्रिय दखल रखता था और गणना प्रक्रिया की निगरानी भी करता था।
गणना कक्ष की चाबी उसके पास रहने की बात सामने आई है। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी। दोनों रिश्तेदारी के जरिए मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों के करीबी बताए जाते हैं। जांच के दौरान उनके घरों से कथित रूप से चोरी की रकम बरामद होने की बात कही गई है।
मनीष यादव, जो टिन्नू यादव का भतीजा बताया जाता है, भी गणना प्रक्रिया में शामिल था और उसके पास से भी रकम मिलने की चर्चा रही। अविनाश शुक्ला और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की भूमिकाओं की भी जांच हो रही है। वहीं, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र पर अनुकल्प व लवकुश के साथ कथित साजिश में शामिल रहने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है।