अयोध्या में राममंदिर बनाने के लिए 18 अक्तूबर को प्रस्तावित सवा लाख संकल्प सभाओं में एक बड़ी सभा की रणनीति में अब बदलाव आ रहा है।
पहले अयोध्या में सरयू किनारे लाखों की भीड़ जुटाने का कार्यक्रम तय था, लेकिन सरकार की 84 कोसी परिक्रमा को लेकर बरती गई सख्ती से अब दिल्ली में आयोजन की रणनीति बन रही है।
विहिप सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों को राममंदिर मुद्दे की ताकत दिखाने के लिए दिल्ली ही बेहतर जगह हो सकती है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने 13 सितंबर को मखौड़ा में 84 कोसी परिक्रमा के समापन पर भी बड़ी रणनीति से इन्कार किया।
तोगड़िया ने कहा कि वहां बड़े नेताओं के जाने का मतलब है कि रास्ते में गिरफ्तारी, इससे कोई सार्थक हल नहीं निकलता है। उनका और अशोक सिंहल का अयोध्या में जाने का भी कोई कार्यक्रम नहीं है।
उधर, विहिप के सूत्रों का कहना है कि अब सारी तैयारी 18 अक्तूबर के संकल्प सभाओं को लेकर चल रही है। देशभर में शहरों, कस्बों और गांवों में सवा लाख संकल्प सभाएं करके राममंदिर निर्माण का संकल्प लिया जाएगा।
इसी दिन एक बड़ी सभा पहले अयोध्या में तय थी। विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल और महामंत्री चंपत राय भी इसका एलान कर चुके थे कि सरयू के किनारे कम से कम दो लाख लोग संकल्प सभा में शामिल होंगे।
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा का कहना है कि अयोध्या में बड़ी संकल्प सभा अब नहीं होनी है, इसके लिए दिल्ली नई संभावित जगह हो सकती है, लेकिन अभी अंतिम रूप से निर्णय होना बाकी है।